रामचरितमानस में राम नाम की महिमा कितने दोहों/छन्दों में वर्णित है?
की चेकलिस्ट
बालकाण्ड में नाम महिमा का वर्णन दोहा 19 से 27-28 तक लगभग 8-10 दोहों और दर्जनों चौपाइयों में फैला हुआ है। इसमें नाम के दो अक्षर, शिवजी का जप, वाल्मीकि का उद्धार, कलियुग में नाम का एकमात्र आधार होना आदि अनेक पक्ष बताये गये।
- 1नाम के दो अक्षर 'र' और 'म' अग्नि, सूर्य, चन्द्र के बीज हैं
- 2नाम ब्रह्मा, विष्णु, शिव तीनों का स्वरूप है
- 3शिवजी स्वयं इस महामंत्र का जप करते हैं
- 4एक राम नाम सहस्र नामों के समान है
- 5वाल्मीकिजी उलटा नाम जपकर पवित्र हो गये
- 6नाम निर्गुण-सगुण के बीच दुभाषिये के समान है
- 7कलियुग में नाम ही एकमात्र आधार है
- 8नाम कलियुगरूपी कालनेमि को मारने वाला हनुमान है
- 9राम ने शबरी, जटायु आदि सेवकों को मुक्ति दी, पर नाम ने अगणित दुष्टों का उद्धार किया
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रामचरितमानस — बालकाण्ड
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