वाल्मीकि = संस्कृत, प्राचीन, राम मर्यादा पुरुषोत्तम (मानवीय आदर्श)। मानस = अवधी, 16वीं सदी, राम परब्रह्म (भक्ति प्रधान)। मुख्य अंतर: लक्ष्मण रेखा/पुष्प वाटिका मानस में (वाल्मीकि में नहीं), सीता निर्वासन मानस में नहीं, माया सीता तुलसीदास की मौलिक व्याख्या। दोनों पूरक।
- 1शिव धनुष — वाल्मीकि: राम ने धनुष तोड़ा; मानस: राम ने सहज ही उठाकर तोड़ा ('सहज विहंग सुभाय')।
- 2सीता स्वयंवर — वाल्मीकि: विस्तृत; मानस: राम-सीता प्रथम दर्शन (पुष्प वाटिका) मानस की मौलिक रचना है — वाल्मीकि में नहीं।
- 3लक्ष्मण रेखा — वाल्मीकि रामायण में लक्ष्मण रेखा का उल्लेख नहीं है। यह मुख्यतः लोक परंपरा और बाद की रचनाओं से आया।
- 4शबरी — वाल्मीकि: संक्षिप्त; मानस: तुलसीदास ने नवधा भक्ति का उपदेश शबरी प्रसंग में जोड़ा।
- 5हनुमान चालीसा — केवल मानस/तुलसीदास परंपरा। वाल्मीकि में नहीं।
- 6सीता अग्नि परीक्षा — दोनों में है, परंतु मानस में यह माया सीता थी (असली सीता अग्नि में सुरक्षित — तुलसीदास की मौलिक व्याख्या)।
- 7सीता निर्वासन — वाल्मीकि: उत्तरकांड में विस्तृत; मानस: इसका उल्लेख नहीं — तुलसीदास ने इसे छोड़ दिया।