रत्न सिद्धि के तीन स्तंभ: (1) दिव्य पदार्थ — बलि के यज्ञ से पवित्र रत्न, (2) दिव्य ध्वनि — देवी-स्वरूपी मंत्र, (3) दिव्य भाव — श्रद्धा और शुद्ध संकल्प।
1दिव्य पदार्थ: दैत्यराज बलि के यज्ञ से उत्पन्न पवित्र रत्न।
2दिव्य ध्वनि: साक्षात् देवी-स्वरूपी मंत्र।
3दिव्य भाव: धारणकर्ता की पूर्ण श्रद्धा और शुद्ध संकल्प।