रुद्राभिषेक में सावधानियाँ: सात्विक आहार और शुद्ध विचार रखें, घी का दीपक जलाएं, शिव वास की अनुकूल तिथि देखें और वर्जित सामग्री (हल्दी, केतकी, खंडित अक्षत, शंख) से बचें।
- 1शुद्धता: पूजा के दौरान मन और शरीर दोनों की पवित्रता अनिवार्य है। यजमान को सात्विक आहार (बिना लहसुन-प्याज का भोजन) और शुद्ध विचारों के साथ पूजा करनी चाहिए।
- 2दीपक: पूजा करते समय हमेशा घी का दिया ही जलाना चाहिए।
- 3शिव वास का उल्लंघन: सबसे गंभीर सावधानी — सकाम कर्मों का आरंभ तब नहीं किया जाना चाहिए जब शिव वास भोजन में (षष्ठी, त्रयोदशी) या श्मशान में (सप्तमी, चतुर्दशी) हो।
- 4वर्जित सामग्री: खंडित अक्षत, केतकी का फूल, हल्दी (शिवलिंग पर), शंख से अभिषेक वर्जित।