7 पाताल (ऊपर→नीचे): अतल (बल), वितल (शिव/हाटकेश्वर), सुतल (राजा बलि — विष्णु द्वारपाल), तलातल (मायासुर), महातल (नाग), रसातल (दैत्य), पाताल (शेषनाग — स्वर्णमयी)। विष्णु/भागवत पुराण। ये नर्क नहीं, स्वर्ग से भी सुंदर।
- 1अतल — मय दानव के पुत्र बल का शासन। 96 प्रकार की माया रची।
- 2वितल — भगवान हाटकेश्वर (शिव) का निवास। भवानी सहित गणों के साथ। हाटकी नदी बहती है।
- 3सुतल — महादानी राजा बलि का शासन। भगवान विष्णु ने वामन अवतार में तीनों लोक लेकर बलि को सुतल का राजा बनाया। विष्णु स्वयं उनके द्वारपाल।
- 4तलातल — मायासुर (दानव माया) का निवास। शिवजी की कृपा से सुरक्षित।
- 5महातल — करोड़ों नागजातियों (कद्रू पुत्र) का निवास। बहुफनीय नाग।
- 6रसातल — दैत्यों और दानवों का अंधकारमय क्षेत्र। पणि, निवातकवच, कालकेय दानवों का वास।
- 7पाताल — सबसे निचला। शेषनाग (अनंत) का निवास। स्वर्णमयी भूमि। वासुकी नागराज। मणियों से प्रकाशित।