प्रसन्न दिखें = आशीर्वाद, शुभ संकेत। दुःखी दिखें = श्राद्ध/तर्पण करें, अधूरी इच्छा पूर्ण करें। उपाय: तिथि अनुसार श्राद्ध, पितृपक्ष में तर्पण, ब्राह्मण भोज, गया पिंडदान, नाम से दान। अत्यधिक भय न करें — प्रेम/स्मृति का प्रतिबिंब भी है।
1माता-पिता की आत्मा सद्गति में है और आपको आशीर्वाद दे रही है।
2आपके जीवन में शुभ घटना होने वाली है।
3आपके सत्कर्मों से पितर प्रसन्न हैं।
4श्राद्ध/तर्पण में कमी।
5उनकी कोई अंतिम इच्छा अपूर्ण।
6परिवार में कोई अधर्म हो रहा है जिससे पितर दुःखी।
7श्राद्ध/तर्पण — तिथि अनुसार श्राद्ध करें। यदि तिथि न पता हो तो अमावस्या को।
8पितृपक्ष में विशेष — भाद्रपद कृष्ण पक्ष (पितृपक्ष) में अवश्य श्राद्ध करें।
9ब्राह्मण भोज — माता-पिता के पसंदीदा भोजन बनाकर ब्राह्मण को खिलाएं।
10दान — माता-पिता के नाम से दान करें — भोजन, वस्त्र, जल।
11गया पिंडदान — यदि कभी नहीं किया तो अवश्य करें।
12पूर्वजों की इच्छा पूरी करें — यदि कोई अधूरी इच्छा हो (तीर्थ यात्रा, दान, मंदिर निर्माण) तो पूर्ण करें।
13भावनात्मक दृष्टि — सपने में माता-पिता दिखना भी आपके अवचेतन मन में उनकी स्मृति, प्रेम और उनकी कमी का प्रतिबिंब हो सकता है। यह शोक प्रक्रिया का स्वाभाविक अंग भी है।
चेकलिस्ट: सपने में मृत माता पिता दिखें तो क्या करना