सप्तपदी के 7 मंत्र — सभी विष्णु से संबद्ध: 1=अन्न-स्वास्थ्य, 2=बल-साहस, 3=धर्म-निष्ठा, 4=पारिवारिक सुख, 5=संपत्ति-समृद्धि, 6=धन-ऐश्वर्य, 7=यज्ञ-मैत्री। प्रत्येक पद में 'भगवान विष्णु तुम्हारा मार्गदर्शन करें।'
- 1प्रथम पद: 'ॐ एकम् इषे विष्णुः त्वा नयतु।' — अन्न, स्वास्थ्य और शारीरिक शक्ति हेतु।
- 2द्वितीय पद: 'ॐ द्वे ऊर्जे विष्णुः त्वा नयतु।' — बल, मानसिक ऊर्जा और साहस हेतु।
- 3तृतीय पद: 'ॐ त्रीणि व्रताय विष्णुः त्वा नयतु।' — व्रतों, निष्ठा और धर्म पालन हेतु।
- 4चतुर्थ पद: 'ॐ चत्वारि मयोभवाय विष्णुः त्वा नयतु।' — पारिवारिक सुख, शांति और आनंद हेतु।
- 5पंचम पद: 'ॐ पञ्च पशुभ्यो विष्णुः त्वा नयतु।' — पशुधन, भौतिक संपत्ति और समृद्धि हेतु।
- 6षष्ठ पद: 'ॐ षड् रायस्पोषाय विष्णुः त्वा नयतु।' — सभी ऋतुओं में धन और आध्यात्मिक ऐश्वर्य वृद्धि हेतु।
- 7सप्तम पद: 'ॐ सप्त सप्तभ्यो होत्राभ्यो विष्णुः त्वा नयतु।' — यज्ञ, सार्वभौमिक धर्म और शाश्वत मैत्री हेतु।