ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

शिव कवच स्तोत्र का पाठ करने से क्या सुरक्षा मिलती है?

की चेकलिस्ट

शरीर के प्रत्येक अंग की रक्षा (मस्तक=ईशान, कंठ=नीलकंठ आदि)। नकारात्मक ऊर्जा, तांत्रिक प्रयोग, शत्रु, ग्रह दोष, भय से सुरक्षा। प्रतिदिन प्रातः 1 पाठ। यात्रा/संकट में विशेष।

  1. 1शारीरिक: मस्तक से पैर तक — प्रत्येक अंग की रक्षा हेतु शिव के भिन्न-भिन्न नामों का आवाहन। शिर = ईशान, ललाट = त्र्यंबक, नेत्र = त्रिनेत्र, कंठ = नीलकंठ आदि।
  2. 2आध्यात्मिक: नकारात्मक ऊर्जा, बुरी दृष्टि, तांत्रिक प्रयोग से रक्षा।
  3. 3मानसिक: भय, चिंता, अवसाद से मुक्ति।
  4. 4ग्रह दोष: ग्रहों के अशुभ प्रभाव से रक्षा।
  5. 5शत्रु बाधा: शत्रुओं के षड्यंत्र से सुरक्षा।
  6. 6प्रतिदिन प्रातः स्नान बाद, शिव समक्ष।
  7. 7एक बार पाठ (5-7 मिनट)।
  8. 8सोमवार/शिवरात्रि विशेष प्रभावी।
  9. 9यात्रा/संकट काल में पाठ — विशेष रक्षा।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
शिव स्तोत्र

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।