शिव के 64 भैरव रूपों की उपासना कैसे करें?
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8 अष्ट भैरव × 8 उपभैरव = 64 भैरव। 64 भैरव उपासना = तांत्रिक, गुरु दीक्षा अनिवार्य। सामान्य भक्त: काल भैरव पूजा (कालाष्टमी), बटुक भैरव (भय निवारण)। भैरवाष्टमी = वर्ष का प्रमुख भैरव पूजा दिन। काशी काल भैरव सर्वप्रसिद्ध। 64 भैरव समूह साधना अत्यंत दुर्लभ — केवल सिद्ध गुरु मार्गदर्शन में।
- 1असितांग भैरव 2. रुरु भैरव 3. चण्ड भैरव 4. क्रोध भैरव 5. उन्मत्त भैरव 6. कपालि भैरव 7. भीषण भैरव 8. संहार भैरव
- 2काल भैरव पूजा (सबसे प्रचलित):
- 3बटुक भैरव पूजा:
- 4भैरवाष्टमी (मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी):
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श्रेणी
शिव साधना
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