शिव के 64 भैरव रूपों की उपासना कैसे करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
8 अष्ट भैरव × 8 उपभैरव = 64 भैरव। 64 भैरव उपासना = तांत्रिक, गुरु दीक्षा अनिवार्य। सामान्य भक्त: काल भैरव पूजा (कालाष्टमी), बटुक भैरव (भय निवारण)। भैरवाष्टमी = वर्ष का प्रमुख भैरव पूजा दिन। काशी काल भैरव सर्वप्रसिद्ध। 64 भैरव समूह साधना अत्यंत दुर्लभ — केवल सिद्ध गुरु मार्गदर्शन में।
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