शिव के अष्टमूर्ति रूपों का वर्णन किस ग्रंथ में है?
की चेकलिस्ट
भविष्य पुराण: 8 मूर्तियां — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, यजमान(आत्मा), चंद्र, सूर्य। कालिदास 'अभिज्ञानशाकुंतलम्' नांदी श्लोक = सबसे प्रसिद्ध संदर्भ। अर्थ: शिव ब्रह्मांड के 8 तत्वों में सर्वव्यापी।
- 1पृथ्वी (शर्व)
- 2जल (भव)
- 3तेज/अग्नि (रुद्र)
- 4वायु (उग्र)
- 5आकाश (भीम)
- 6यजमान/आत्मा (पशुपति)
- 7सोम/चंद्र (महादेव)
- 8सूर्य (ईशान)
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