शिव के अष्टमूर्ति रूपों का वर्णन किस ग्रंथ में है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
भविष्य पुराण: 8 मूर्तियां — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, यजमान(आत्मा), चंद्र, सूर्य। कालिदास 'अभिज्ञानशाकुंतलम्' नांदी श्लोक = सबसे प्रसिद्ध संदर्भ। अर्थ: शिव ब्रह्मांड के 8 तत्वों में सर्वव्यापी।
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