शिव पुराण सुनने से क्या पाप नष्ट होते हैं?
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शिव पुराण = वेदतुल्य। श्रवण से: जन्मांतर के संचित पाप, महापाप (ब्रह्महत्या आदि), पितृ दोष — सब क्षीण। चंचुला कथा: पतिता स्त्री ने कथा सुनकर स्वयं और पति दोनों को मोक्ष दिलाया। नियम: श्रद्धापूर्वक, सात्विक आहार, ब्रह्मचर्य, भूखे न सुनें। पूर्ण होने पर दान-भोजन करवाएं।
- 1जन्म-जन्मांतर के संचित पाप।
- 2ब्रह्महत्या, गोहत्या जैसे महापाप भी श्रद्धापूर्वक श्रवण से क्षीण होते हैं।
- 3ज्ञात-अज्ञात पाप दोनों।
- 4पितृ दोष और कर्म बंधन।
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श्रेणी
शिव पुराण
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