शिव षड्अक्षर स्तोत्र का जप कब और कैसे करना चाहिए?
की चेकलिस्ट
'ॐ नमः शिवाय' (6 अक्षर)। रुद्राक्ष माला, 108 बार, मध्यमा+अंगूठा (तर्जनी नहीं)। मेरु लांघें नहीं। प्रातः/संध्या/कभी भी। शंकराचार्य पंचाक्षर स्तोत्र: न-म-शि-वा-य = 5 श्लोक = पंचमहाभूत।
- 1स्नान कर शुद्ध वस्त्र, शिवलिंग/शिव चित्र समक्ष।
- 2रुद्राक्ष माला (108 दाने) से जप।
- 3'ॐ नमः शिवाय' — स्पष्ट, मध्यम स्वर में। प्रत्येक दाने पर एक बार।
- 4108 बार (1 माला) = न्यूनतम। 1008 बार (10 माला) = उत्तम।
- 5दाहिने हाथ से माला, मध्यमा+अंगूठे से दाना फेराएं (तर्जनी न लगाएं)।
- 6मेरु (बड़ा दाना) लांघें नहीं — वापस मोड़ें।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
शिव स्तोत्र
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।