श्राद्ध में कौवा ग्रास न खाए तो क्या करें?
की चेकलिस्ट
धैर्य रखें, छत/खुली जगह रखें, मंत्र बोलें, तिल मिलाएँ, गंगाजल छिड़कें। न खाए = पवित्र जल में प्रवाहित। शहर में कम कौवे = व्यावहारिक कारण। श्रद्धा से किया श्राद्ध पितरों तक पहुँचता है।
- 1धैर्य रखें — कुछ देर और प्रतीक्षा करें। कभी-कभी कौवा देर से आता है।
- 2छत/खुली जगह पर ग्रास रखें — कौवे को दिखने दें।
- 3कौवे को बुलाने का मंत्र: *'एहि एहि कृष्ण वर्ण वायस, इदं गृहाण भोजनं'* (हे काले वर्ण कौवे, आओ यह भोजन ग्रहण करो)।
- 4तिल डालें — ग्रास में काले तिल मिलाएँ।
- 5गंगाजल छिड़कें — ग्रास के चारों ओर।
- 6पुनः तर्पण करें — तिल-जल से पुनः तर्पण + क्षमा प्रार्थना।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
श्राद्ध विधि
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।