ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
श्राद्ध विधि📜 धर्मशास्त्र, लोक परंपरा2 मिनट पठन

श्राद्ध में कौवा ग्रास न खाए तो क्या करें?

संक्षिप्त उत्तर

धैर्य रखें, छत/खुली जगह रखें, मंत्र बोलें, तिल मिलाएँ, गंगाजल छिड़कें। न खाए = पवित्र जल में प्रवाहित। शहर में कम कौवे = व्यावहारिक कारण। श्रद्धा से किया श्राद्ध पितरों तक पहुँचता है।

📖

विस्तृत उत्तर

कौवा ग्रास न खाए = पितर अतृप्त/नाराज — ऐसा माना जाता है। इसके उपाय:

  1. 1धैर्य रखें — कुछ देर और प्रतीक्षा करें। कभी-कभी कौवा देर से आता है।
  2. 2छत/खुली जगह पर ग्रास रखें — कौवे को दिखने दें।
  3. 3कौवे को बुलाने का मंत्र: *'एहि एहि कृष्ण वर्ण वायस, इदं गृहाण भोजनं'* (हे काले वर्ण कौवे, आओ यह भोजन ग्रहण करो)।
  4. 4तिल डालें — ग्रास में काले तिल मिलाएँ।
  5. 5गंगाजल छिड़कें — ग्रास के चारों ओर।
  6. 6पुनः तर्पण करें — तिल-जल से पुनः तर्पण + क्षमा प्रार्थना।

यदि फिर भी न खाए

  • ग्रास को पवित्र नदी/जलाशय में प्रवाहित करें।
  • विशेष पितृ शांति अनुष्ठान (नारायण बलि/त्रिपिंडी) करवाने पर विचार करें।
  • पंडित से विस्तृत उपाय पूछें।

ध्यान दें: कौवा न आने के व्यावहारिक कारण भी हो सकते हैं (शहर में कम कौवे)। अत्यधिक चिंता न करें — श्रद्धा से किया गया श्राद्ध पितरों तक अवश्य पहुँचता है।

📜
शास्त्रीय स्रोत
धर्मशास्त्र, लोक परंपरा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

कौवा ग्रास न खाएउपायपितर अतृप्त

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

श्राद्ध में कौवा ग्रास न खाए तो क्या करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको श्राद्ध विधि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर धर्मशास्त्र, लोक परंपरा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।