विस्तृत उत्तर
कौवा ग्रास न खाए = पितर अतृप्त/नाराज — ऐसा माना जाता है। इसके उपाय:
- 1धैर्य रखें — कुछ देर और प्रतीक्षा करें। कभी-कभी कौवा देर से आता है।
- 2छत/खुली जगह पर ग्रास रखें — कौवे को दिखने दें।
- 3कौवे को बुलाने का मंत्र: *'एहि एहि कृष्ण वर्ण वायस, इदं गृहाण भोजनं'* (हे काले वर्ण कौवे, आओ यह भोजन ग्रहण करो)।
- 4तिल डालें — ग्रास में काले तिल मिलाएँ।
- 5गंगाजल छिड़कें — ग्रास के चारों ओर।
- 6पुनः तर्पण करें — तिल-जल से पुनः तर्पण + क्षमा प्रार्थना।
यदि फिर भी न खाए
- ▸ग्रास को पवित्र नदी/जलाशय में प्रवाहित करें।
- ▸विशेष पितृ शांति अनुष्ठान (नारायण बलि/त्रिपिंडी) करवाने पर विचार करें।
- ▸पंडित से विस्तृत उपाय पूछें।
ध्यान दें: कौवा न आने के व्यावहारिक कारण भी हो सकते हैं (शहर में कम कौवे)। अत्यधिक चिंता न करें — श्रद्धा से किया गया श्राद्ध पितरों तक अवश्य पहुँचता है।





