की चेकलिस्ट
श्रीं = महालक्ष्मी का बीज। श् (लक्ष्मी) + र् (धन-ऐश्वर्य) + ई (इच्छाशक्ति) + अनुस्वार (दुःख-निवारण)। लक्ष्मी तंत्र: 'श्री' सर्वशक्ति हैं। तीन स्तर: भौतिक (धन-समृद्धि), सौभाग्य, आध्यात्मिक (मोक्ष)। शुक्रवार-पूर्णिमा को जप विशेष फलदायी।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।