सूर्य को जल देते समय किस दिशा में खड़े हों
की चेकलिस्ट
सूर्य को जल देते समय मुख सदैव पूर्व दिशा (सूर्योदय की दिशा) की ओर रखें। खुले स्थान पर नंगे पैर खड़े होकर, दोनों हाथों से तांबे का लोटा उठाकर धारा से जल अर्पित करें। जल की धारा से सूर्य किरणें देखना शुभ है। पूर्व दिशा देवताओं की दिशा मानी गई है।
- 1खुले स्थान पर (छत, आंगन, बगीचा) पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हों।
- 2दोनों हाथों से तांबे का लोटा पकड़ें।
- 3लोटे को कंधे की ऊंचाई तक उठाकर धीरे-धीरे जल की धारा गिराएँ।
- 4जल की धारा के बीच से सूर्य किरणों को देखना शुभ माना जाता है — इससे नेत्रों को लाभ होता है।
- 5जूते-चप्पल उतारकर नंगे पैर खड़े हों।
- 6स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर अर्घ्य दें।
- 7जल सदैव आगे की ओर (सूर्य की दिशा में) गिरे, पैरों पर न गिरे।
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दैनिक कर्म
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