प्रतीक: त्रिगुण, त्रिकाल, 3 नाड़ी (इड़ा/पिंगला/सुषुम्ना), इच्छा/ज्ञान/क्रिया। उपयोग: रक्षा (स्थापना), यंत्र, हवन। अघोरी: शव साधना (गोपनीय)। नटराज = सृष्टि+संहार।
- 1त्रिगुण: सत्व+रजस+तमस = 3 शूल → इनसे परे = शिव।
- 2त्रिकाल: भूत+वर्तमान+भविष्य = शिव = कालातीत।
- 33 नाड़ी: इड़ा+पिंगला+सुषुम्ना → सुषुम्ना = केंद्रीय शूल = कुंडलिनी।
- 4इच्छा+ज्ञान+क्रिया: शिव की 3 शक्तियां।
- 5रक्षा: त्रिशूल स्थापित = नकारात्मक शक्ति प्रवेश नहीं।
- 6यंत्र: त्रिशूल यंत्र = शिव रक्षा।
- 7हवन: त्रिशूल = अग्नि उपकरण (कुछ तांत्रिक)।
- 8शव साधना: अघोरी = त्रिशूल शव पर गाड़ना (अत्यंत उन्नत — गोपनीय)।