तंत्र में कवच क्या होता है और कैसे धारण करें?
की चेकलिस्ट
कवच = मंत्र द्वारा अंग-अंग रक्षा। प्रसिद्ध: देवी कवच, नारायण कवच (भागवत 6.8), रामरक्षा, हनुमान कवच। धारण: प्रतिदिन पाठ = 'धारण'। प्रातः/यात्रा/संकट में। बिना दीक्षा सभी पढ़ सकते।
- 1देवी कवच (दुर्गा सप्तशती) — सर्वरक्षा।
- 2नारायण कवच (श्रीमद्भागवत 6.8) — विष्णु सुरक्षा।
- 3रामरक्षा स्तोत्र — राम कवच।
- 4हनुमान कवच — भय नाश।
- 5शिव कवच / त्रैलोक्य विजय कवच।
- 6प्रतिदिन पाठ — कवच स्तोत्र पढ़ना ही 'धारण' करना है।
- 7प्रातःकाल/यात्रा पूर्व/संकट काल में।
- 8शुद्ध स्वर में, भक्ति भाव से।
- 9कवच = अंग-अंग रक्षा — प्रत्येक श्लोक में 'रक्षतु' (रक्षा करें)।
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तंत्र शास्त्र
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