का सरल उत्तर
कवच = मंत्र द्वारा अंग-अंग रक्षा। प्रसिद्ध: देवी कवच, नारायण कवच (भागवत 6.8), रामरक्षा, हनुमान कवच। धारण: प्रतिदिन पाठ = 'धारण'। प्रातः/यात्रा/संकट में। बिना दीक्षा सभी पढ़ सकते।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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