तंत्र में नाड़ी शोधन प्राणायाम का क्या महत्व है?
की चेकलिस्ट
तंत्र नींव। इड़ा-पिंगला संतुलन → सुषुम्ना खुले → कुंडलिनी मार्ग। 72,000 नाड़ी शुद्ध। बिना = कुंडलिनी कठिन/खतरनाक। बाएं→दाएं→दाएं→बाएं = 1 चक्र। जप पूर्व।
- 1इड़ा-पिंगला संतुलन: बाईं (चंद्र/शीतल) + दाहिनी (सूर्य/ऊष्ण) → संतुलित → सुषुम्ना खुले → कुंडलिनी मार्ग।
- 272,000 नाड़ी शुद्ध: शरीर में 72,000 नाड़ियां — प्राणायाम → शुद्ध → ऊर्जा निर्बाध।
- 3कुंडलिनी तैयारी: बिना नाड़ी शोधन = कुंडलिनी जागरण कठिन/खतरनाक।
- 4मन शांत: श्वास नियंत्रित = विचार नियंत्रित = ध्यान/जप गहन।
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तंत्र साधना
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