तंत्र में नाड़ी शोधन प्राणायाम का क्या महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
तंत्र नींव। इड़ा-पिंगला संतुलन → सुषुम्ना खुले → कुंडलिनी मार्ग। 72,000 नाड़ी शुद्ध। बिना = कुंडलिनी कठिन/खतरनाक। बाएं→दाएं→दाएं→बाएं = 1 चक्र। जप पूर्व।
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