कालरात्रि: अष्टमी/चतुर्दशी रात्रि, नवदुर्गा 7वीं देवी, अज्ञान/भय नाश, प्रतिमास। महारात्रि: वर्ष की विशेष रात्रि (शिवरात्रि, दीपावली, होली), ब्रह्माण्डीय ऊर्जा चरम, सिद्धि प्राप्ति, वर्ष 3-4 बार। तांत्रिक = गुरु दीक्षा अनिवार्य।
- 1अष्टमी/चतुर्दशी की रात्रि को 'कालरात्रि' कहा जाता है।
- 2नवरात्रि की सातवीं देवी 'कालरात्रि' — काल (मृत्यु) को भी रात्रि (अंत) देने वाली।
- 3कालरात्रि = अंधकार/अज्ञान/भय का नाश करने वाली शक्ति।
- 4दीपावली अमावस्या = 'महाकालरात्रि' — तांत्रिक साधना की सर्वोत्तम रात्रि।
- 5वर्ष की विशेष रात्रियाँ जो तांत्रिक साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी गई हैं।
- 6तीन महारात्रियाँ: (1) शिवरात्रि (फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी), (2) दीपावली (कार्तिक अमावस्या), (3) होली (फाल्गुन पूर्णिमा)।
- 7कुलार्णव तंत्र: 'महारात्रि = वह रात्रि जब ब्रह्माण्डीय ऊर्जा अपने चरम पर हो।'
- 8महारात्रि में मंत्र सिद्धि, यंत्र सिद्धि, विशेष अनुष्ठान अत्यंत प्रभावी।
- 9कालरात्रि = तिथि विशेष (अष्टमी/चतुर्दशी) या देवी स्वरूप। प्रतिमास आती है।
- 10महारात्रि = वर्ष की चुनिंदा अत्यंत शक्तिशाली रात्रियाँ। वर्ष में 3-4 बार।
- 11कालरात्रि = भय/अज्ञान नाश प्रधान।
- 12महारात्रि = सिद्धि/शक्ति प्राप्ति प्रधान।