गणेश पूजन (विघ्नहर्ता), गुरु स्मरण, कवच पाठ, धैर्य (गीता: 'कायरता छोड़ो'), दृढ़ संकल्प, विधि जांच (गुरु से), प्रायश्चित्त। शास्त्र: विघ्न = सिद्धि निकट — जितने अधिक विघ्न = उतनी बड़ी सिद्धि।
- 1गणेश पूजन: साधना से पूर्व 'ॐ गं गणपतये नमः' 21 बार — विघ्नहर्ता।
- 2गुरु स्मरण: गुरु कृपा = सबसे बड़ा सुरक्षा कवच।
- 3कवच पाठ: देवी कवच/नारायण कवच = दिव्य सुरक्षा।
- 4धैर्य: विघ्न = परीक्षा — हार न मानें। गीता: 'क्षुद्रं हृदयदौर्बल्यं त्यक्त्वोत्तिष्ठ' — कायरता छोड़ो, उठो!
- 5संकल्प दृढ़: 'मैं अवश्य पूर्ण करूंगा' — दृढ़ इच्छा शक्ति।
- 6विधि जांच: कहीं विधि दोष तो नहीं — गुरु से पूछें।
- 7प्रायश्चित्त: यदि कोई भूल हुई — क्षमा प्रार्थना + सुधार।