त्रिपिंडी श्राद्ध कब और क्यों करवाते हैं?
की चेकलिस्ट
त्रिपिंडी = तीन पीढ़ियों (पिता+दादा+परदादा) का एक साथ श्राद्ध। कब: 3 पीढ़ी श्राद्ध न हुआ, गंभीर पितृ दोष। त्र्यंबकेश्वर (नासिक) सबसे प्रसिद्ध। तीन पिंड + तर्पण + ब्राह्मण भोजन।
- 1जब तीन पीढ़ियों तक श्राद्ध नहीं किया गया हो।
- 2पितृ दोष के गंभीर लक्षण हों।
- 3सपने में तीन पितर (पिता, दादा, परदादा) दुखी दिखें।
- 4कई वर्षों से श्राद्ध छूटा हो।
- 5तीन पिंड बनाए जाते हैं — पिता, दादा और परदादा के नाम से।
- 6प्रत्येक पिंड पर विधिवत तर्पण मंत्र।
- 7ब्राह्मण भोजन + दक्षिणा।
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श्राद्ध विधि
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