त्रिपुर भैरवी साधना से तीन स्तरों पर लाभ: भौतिक (ऐश्वर्य, शत्रु विजय, आरोग्य), सूक्ष्म (वाक् सिद्धि, सम्मोहन शक्ति) और आध्यात्मिक (कुंडलिनी जागरण, मोक्ष)।
- 1ऐश्वर्य-प्राप्ति: व्यापार में वृद्धि, धन-संपदा में लाभ, दरिद्रता और ऋण का नाश, जीवन में सौभाग्य और भौतिक सुखों की प्राप्ति।
- 2शत्रु-विजय: अधिदैविक (ग्रह-नक्षत्रों के दुष्प्रभाव), अधिभौतिक (शारीरिक शत्रु, मुकदमे), और आध्यात्मिक (काम, क्रोध जैसे आंतरिक शत्रु) — तीनों प्रकार के शत्रुओं पर पूर्ण विजय।
- 3रक्षा एवं आरोग्य: तंत्र-मंत्र बाधाओं का निवारण, नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा, अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति, और उत्तम आरोग्य की प्राप्ति।
- 4वाक् सिद्धि: वाणी में अद्भुत तेज, प्रभाव और सत्यता का प्राकट्य।
- 5सम्मोहन शक्ति: साधक के व्यक्तित्व में दिव्य और चुंबकीय आकर्षण।
- 6कुंडलिनी-जागरण: सुप्त ऊर्जा जाग्रत होकर ऊर्ध्वगामी होती है।
- 7मोक्ष-प्राप्ति: समस्त कर्म-बंधन और अज्ञान का नाश।