ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी की टंकी कहाँ होनी चाहिए

की चेकलिस्ट

ऊपरी टंकी नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) में और भूमिगत टंकी ईशान (उत्तर-पूर्व) में रखें। ईशान में ऊपरी टंकी और नैऋत्य में भूमिगत टंकी गंभीर दोष है। यह जल तत्व और भूमि ढलान के सिद्धांत पर आधारित है।

  1. 1नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) — सर्वोत्तम। यह दिशा भारी निर्माण के लिए उपयुक्त है और जल का भार यहां शुभ माना जाता है।
  2. 2पश्चिम या दक्षिण — स्वीकार्य विकल्प।
  3. 3ऊंचाई — दक्षिण-पश्चिम का भाग अन्य दिशाओं से ऊंचा होना वास्तु सिद्धांत है, अतः ऊपरी टंकी यहां तर्कसंगत है।
  4. 4ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) — सर्वोत्तम। ईशान कोण जल तत्व की दिशा है। भूमिगत जल स्रोत (बोरवेल, कुआं, टैंक) इसी दिशा में होना चाहिए।
  5. 5उत्तर दिशा — स्वीकार्य विकल्प।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
वास्तु शास्त्र

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।