ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

वेदों में मंत्रों का महत्व क्या है?

की चेकलिस्ट

वेदों में मंत्र नाद-ब्रह्म का स्वरूप हैं — शाश्वत ध्वनि-शक्ति जो देवताओं को आकर्षित करती और चित्त को शुद्ध करती है। गायत्री मंत्र (ऋग्वेद 3/62/10) 'वेद-माता' है। ॐ ब्रह्मांड की आदि-ध्वनि और ब्रह्म का प्रथम प्रकटीकरण है।

  1. 1ध्वनि-शक्ति: मीमांसा दर्शन के अनुसार वेद-मंत्र शाश्वत और अपौरुषेय हैं।
  2. 2देव-आह्वान: यज्ञ में मंत्रोच्चारण से देवशक्तियाँ आकर्षित होती हैं।
  3. 3चित्त-शुद्धि: अथर्ववेद (11/6/14) में मंत्रों को 'भेषज' (औषधि) कहा गया है।
  4. 4आत्म-रक्षा: अथर्ववेद के रक्षा और आयुष्य-मंत्र जीवन-बाधाओं से रक्षा करते हैं।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
वेद ज्ञान

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।