घर=मंदिर। कोना/शेल्फ पर मूर्ति+दीपक। ध्यान, मंत्र जप, सूर्य अर्घ्य, तुलसी गमला, गीता पाठ, ऑनलाइन दर्शन। गीता(9.26): पत्ता-फूल-जल=भक्ति से दो। मंदिर सहायक, अनिवार्य नहीं।
- 1घर में पूजा स्थान: एक कोना/शेल्फ = मूर्ति/तस्वीर + दीपक + अगरबत्ती।
- 2ध्यान (Meditation): आँखें बंद, ईश्वर चिंतन — कहीं भी, कभी भी। गीता (12.2): निराकार उपासना भी मोक्षदायक।
- 3मंत्र जप: ॐ, गायत्री — बिना मंदिर, बिना मूर्ति।
- 4प्रकृति पूजा: सूर्य अर्घ्य (बालकनी से), तुलसी पौधा (गमले में)।
- 5गीता/रामायण पाठ: पुस्तक या ऐप।
- 6ऑनलाइन दर्शन: प्रमुख मंदिरों के लाइव दर्शन (तिरुपति, वैष्णो देवी आदि)।