ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सनातन पञ्चाङ्ग

आज का चौघड़िया

पौ·राणिक
दिनांक
17 मई 2026रविवार
नगर
Jaitwāriमध्य प्रदेश
सूर्योदय → सूर्यास्त
05:2218:44
रविवार — चौघड़िया

17.5मई 2026

Jaitwāri · 17 मई 2026
आज के चौघड़िया·दिन में 8 + रात्रि में 8·सूर्योदय 05:22
Jaitwāri
मध्य प्रदेश
IST · UTC +05:30
आज का सर्वश्रेष्ठ
चर
07:02 — 08:42
सूर्योदय
05:22दिन का आरम्भ
सूर्यास्त
18:44रात्रि का आरम्भ
प्रथम शुभ · दिन
लाभ08:42 — 10:23
प्रथम शुभ · रात्रि
शुभ18:44 — 20:04
01

चौघड़िया मुहूर्त

सूर्योदय से सूर्यास्त — दिन के आठ चौघड़िया · सूर्यास्त से अगला सूर्योदय — रात्रि के आठ
प्रत्येक चौघड़िया = (दिनमान या रात्रिमान) ÷ 8.
शुभ कार्य अमृत / शुभ / लाभ में आरंभ करें।

दिन के चौघड़िया

05:2218:44
01
उद्वेगअशुभ · सूर्य · नया काम प्रारंभ न करें
05:22 — 07:02
02
चरमध्यम · शुक्र · यात्रा, वाहन चालन
07:02 — 08:42
03
लाभलाभदायक · बुध · व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
08:42 — 10:23
04
अमृतसर्वश्रेष्ठ · चंद्र · सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
10:23 — 12:03
05
कालअशुभ · शनि · महत्वपूर्ण निर्णय टालें
12:03 — 13:43
06
शुभशुभ · बृहस्पति · विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
13:43 — 15:24
07
रोगअशुभ · मंगल · स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:24 — 17:04
08
उद्वेगअशुभ · सूर्य · नया काम प्रारंभ न करें
17:04 — 18:44

रात्रि के चौघड़िया

18:4405:21
01
शुभशुभ · बृहस्पति · विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
18:44 — 20:04
02
अमृतसर्वश्रेष्ठ · चंद्र · सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
20:04 — 21:24
03
चरमध्यम · शुक्र · यात्रा, वाहन चालन
21:24 — 22:43
04
रोगअशुभ · मंगल · स्वास्थ्य निर्णय टालें
22:43 — 00:03
05
कालअशुभ · शनि · महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:03 — 01:23
06
लाभलाभदायक · बुध · व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:23 — 02:42
07
उद्वेगअशुभ · सूर्य · नया काम प्रारंभ न करें
02:42 — 04:02
08
शुभशुभ · बृहस्पति · विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
04:02 — 05:21

सात चौघड़िया — सांकेतिकता

अमृत
सर्वश्रेष्ठ
विवाह · गृह प्रवेश · सभी शुभ कार्य
शुभ
शुभ
नया कार्य · खरीदारी · अनुष्ठान
लाभ
लाभदायक
व्यापार · निवेश · धन सम्बन्धी
चर
मध्यम
यात्रा · आवागमन
काल
अशुभ
महत्वपूर्ण कार्य टालें
उद्वेग
अशुभ
सरकारी कार्य (सीमित)
रोग
अशुभ
चिकित्सा कार्य (सीमित)

अन्य प्रमुख नगरों के चौघड़िया

गणना
सूर्योदय-सूर्यास्त आधारित · दृक्
अंशदान
दिनमान ÷ 8 · रात्रिमान ÷ 8
समय क्षेत्र
Jaitwāri · IST
ॐ    तत्    सत्