ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

Kuniyamuttūr — आज का चौघड़िया

गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

Kuniyamuttūr, तमिल नाडु
सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:33
आज के शुभ चौघड़िया
शुभ कार्य के लिए उत्तम समय
शुभ (06:1907:50)चर (10:5412:26)लाभ (12:2613:58)अमृत (13:5815:29)शुभ (17:0118:33)
अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग

दिन का चौघड़िया

06:1918:33

शुभ
06:1907:50
शुभ
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
स्वामी: बृहस्पति
रोग
07:5009:22
अशुभ
अशुभ
स्वास्थ्य निर्णय टालें
स्वामी: मंगल
उद्वेग
09:2210:54
अशुभ
अशुभ
नया काम प्रारंभ न करें
स्वामी: सूर्य
चर
10:5412:26
शुभ
शुभ
यात्रा, वाहन चालन
स्वामी: शुक्र
लाभ
12:2613:58
शुभ
शुभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
स्वामी: बुध
अमृत
13:5815:29
शुभ
अत्यंत शुभ
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
स्वामी: चंद्र
काल
15:2917:01
अशुभ
अशुभ
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
स्वामी: शनि
शुभ
17:0118:33
शुभ
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
स्वामी: बृहस्पति

रात का चौघड़िया

18:33 — अगला सूर्योदय

अमृत
18:3320:01
शुभ
अत्यंत शुभ
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
स्वामी: चंद्र
काल
20:0121:29
अशुभ
अशुभ
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
स्वामी: शनि
शुभ
21:2922:58
शुभ
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
स्वामी: बृहस्पति
रोग
22:5800:26
अशुभ
अशुभ
स्वास्थ्य निर्णय टालें
स्वामी: मंगल
उद्वेग
00:2601:54
अशुभ
अशुभ
नया काम प्रारंभ न करें
स्वामी: सूर्य
चर
01:5403:22
शुभ
शुभ
यात्रा, वाहन चालन
स्वामी: शुक्र
लाभ
03:2204:50
शुभ
शुभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
स्वामी: बुध
अमृत
04:5006:19
शुभ
अत्यंत शुभ
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
स्वामी: चंद्र

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया (चतुर्थांश + घड़ी) हिंदू ज्योतिष का एक प्राचीन काल-विभाजन है। दिन और रात को 8-8 भागों में बाँटा जाता है — कुल 16 चौघड़िया। प्रत्येक भाग लगभग 90 मिनट का होता है। सात नाम चक्रीय क्रम में आते हैं: अमृत (सर्वश्रेष्ठ — पूजा, विवाह), शुभ (मांगलिक कार्य), लाभ (व्यापार, नौकरी), चर (यात्रा), काल (अशुभ), उद्वेग (अशुभ), रोग (अशुभ)।

Kuniyamuttūr का चौघड़िया यहाँ के सूर्योदय-सूर्यास्त पर आधारित है, इसलिए अन्य शहरों से भिन्न होता है। शुभ कार्य प्रारंभ करने से पहले अपने शहर का चौघड़िया अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया में सबसे शुभ समय कौन सा है?

अमृत चौघड़िया सर्वश्रेष्ठ है — इसमें पूजा, विवाह, गृह प्रवेश सब शुभ। उसके बाद शुभ और लाभ चौघड़िया उत्तम हैं।

यात्रा के लिए कौन सा चौघड़िया अच्छा है?

अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया यात्रा के लिए उपयुक्त हैं। चर विशेष रूप से यात्रा के लिए होता है।

काल और रोग चौघड़िया में क्या करें?

काल, उद्वेग और रोग अशुभ चौघड़िया हैं। इनमें नए कार्य, यात्रा, बड़े निर्णय और स्वास्थ्य सम्बन्धी कार्य टालें।

सम्बन्धित पृष्ठ