मंदिर पूजामंदिर में अर्चना करवाने का क्या विधान है?
अर्चना: देवता के नामों के साथ पुष्प/अक्षत अर्पित। प्रकार: नामार्चना (भक्त नाम+नक्षत्र), अष्टोत्तर (108 नाम), सहस्रनाम (1000), पुष्पार्चना। विधि: काउंटर→नाम-गोत्र-नक्षत्र बताएँ→पुजारी अर्चना करे→प्रसाद प्राप्त। शुभ: जन्मदिन, नक्षत्र दिन, संकट में।
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