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अष्टमूर्ति से जुड़े सभी प्रश्न(2)

अष्टमूर्ति पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 2 प्रश्न उपलब्ध हैं।

शिव दर्शन

शिव के अष्टमूर्ति रूपों का वर्णन किस ग्रंथ में है?

भविष्य पुराण: 8 मूर्तियां — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, यजमान(आत्मा), चंद्र, सूर्य। कालिदास 'अभिज्ञानशाकुंतलम्' नांदी श्लोक = सबसे प्रसिद्ध संदर्भ। अर्थ: शिव ब्रह्मांड के 8 तत्वों में सर्वव्यापी।

#अष्टमूर्ति#आठ रूप#भविष्य पुराण
अष्टमूर्ति

शिव की अष्टमूर्ति क्या है?

अष्टमूर्ति = शिव आठ मूल तत्त्वों में व्याप्त: शर्व (पृथ्वी), भव (जल), रुद्र (अग्नि), उग्र (वायु), भीम (आकाश), महादेव (सूर्य), सोमनाथ (चंद्र), पशुपति (जीव/आत्मा)। शिव पुराण: इनकी पूजा के बिना शिव की आराधना निष्फल।

#अष्टमूर्ति#आठ तत्त्व#सर्वव्यापकता
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