लोकइच्छा शक्ति से सृष्टि कैसे बनी?विष्णु की इच्छा शक्ति से स्पंदन, नाद और श्वास के द्वारा सृष्टि बनी।#इच्छा शक्ति#सृष्टि#विष्णु
वाणी के चार स्तरपश्यन्ती वाणी क्या है?पश्यन्ती = दृष्टिगोचर वाणी। केंद्र: हृदय चक्र। यहाँ बोलने की इच्छा (इच्छा शक्ति) बीज रूप में जन्म लेती है — विचार एक अस्पष्ट ध्वनि (वाइब्रेटरी नाद) या रंग के रूप में सूक्ष्म मन में उभरता है।#पश्यन्ती वाणी#हृदय चक्र#इच्छा शक्ति