परिचय और स्वरूपमाँ मातंगी के कितने स्वरूप हैं?माँ मातंगी के 4 प्रमुख स्वरूप: (1) राज मातंगी = समृद्धि और शासन, (2) सुमुखी मातंगी = आकर्षण और वाणी, (3) कर्ण मातंगी = भूत-भविष्य-वर्तमान ज्ञान, (4) उच्छिष्ट मातंगी = सामाजिक वर्जनाओं से परे तांत्रिक सिद्धियाँ।#मातंगी स्वरूप#राज मातंगी#सुमुखी