तंत्र हवनतंत्र में त्रिकोण-वर्गाकार-गोल कुंड किस कार्य के लिए है?त्रिकोण: शक्ति/देवी (उग्र)। वर्गाकार: शिव/सामान्य (शांति — सर्वप्रचलित)। गोलाकार: विष्णु (धन/पूर्णता)। अर्धचंद्र: चंद्र (शीतलता)। षट्कोण/अष्टकोण: विशेष। योनि: शक्ति।#कुंड#त्रिकोण#वर्ग
हवन विधिअग्नि प्रज्ज्वलन का मंत्र क्या है?अग्नि प्रज्ज्वलन मंत्र: 'ॐ भूर्भुवः स्वः' बोलते हुए दीपक से अग्नि जलाएं। अग्नि स्थापित होने पर प्रणाम मुद्रा में: 'ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रतिजागृहि...' से अग्निदेव की स्तुति करें।#अग्नि प्रज्ज्वलन मंत्र
जीवन एवं मृत्युनरक में जीव को कहाँ गिराया जाता है?नरक में जीव को वैतरणी नदी में, असिपत्रवन में, अवीचि के पर्वत से नीचे, रक्त के गड्ढों में और अंधकूप में गिराया जाता है। यमदूत 'घोर नरक वाले स्थान में गिराते हैं' — यही शास्त्रोक्त वर्णन है।#नरक#गिराना#कुंड