तंत्र शास्त्रतंत्र में गुरु परंपरा का क्या महत्व है?गुरु परंपरा = तंत्र रीढ़। शक्ति: गुरु→शिष्य अखंड श्रृंखला। शुद्ध ज्ञान (मुखतः), सुरक्षा, पात्रता परीक्षण। कुलार्णव: शिव→शक्ति→गुरु→शिष्य। आगम-कल्पद्रुम: माता दीक्षा = 8 गुना फलदायी।#गुरु परंपरा#शिष्य#परम्परा
नियम और सावधानियाँश्री विद्या साधना में गुरु दीक्षा क्यों अनिवार्य है?श्री विद्या में गुरु दीक्षा अनिवार्य क्यों: मंत्र का अर्थ + प्रत्येक अक्षर की शक्ति + साधना के क्रम (सृष्टि-स्थिति-संहार) = गुरु से ही समझना जरूरी। पञ्चदशी मंत्र = अत्यंत गोपनीय — केवल योग्य गुरु से दीक्षा द्वारा।
न्यास और ध्यान विधिअसितांग भैरव साधना में न्यास कैसे करते हैं?न्यास में मंत्र के ऋषि, छंद, देवता और बीज को शरीर के विभिन्न अंगों पर स्थापित करते हैं — यह गुरु परंपरा से सीखना चाहिए।#न्यास विधि#ऋषि छंद देवता बीज#शरीर अंग