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जलाधारी से जुड़े सभी प्रश्न(4)

जलाधारी पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 4 प्रश्न उपलब्ध हैं।

गृह मंदिर

घर के मंदिर में शिवलिंग रखने के नियम क्या हैं?

शिवलिंग नियम: अंगूठे जितना (1-2 इंच)। पारद/स्फटिक/नर्मदेश्वर = श्रेष्ठ। जलाधारी मुख उत्तर। नित्य जलाभिषेक अनिवार्य — एक दिन न छूटे। तुलसी/कुंकुम/केतकी वर्जित। बिल्वपत्र अर्पित। दक्षिण मुख कर उत्तर से जल। यदि नित्य पूजा सम्भव नहीं — शिवलिंग न रखें।

#शिवलिंग#गृह पूजा#नंदी
शिव पूजा विधि

शिवलिंग की जलाधारी का मुख किस दिशा में होना चाहिए?

जलाधारी का मुख सदैव उत्तर दिशा में (शिव पुराण, स्कन्द पुराण, वास्तु शास्त्र — तीनों एकमत)। वैकल्पिक: पूर्व दिशा। दक्षिण और पश्चिम सर्वथा वर्जित। उत्तर = कुबेर की दिशा, समृद्धि प्रवाह, सकारात्मक ऊर्जा। घर और मंदिर में नियम समान। जलाधारी कभी न लांघें।

#जलाधारी#सोमसूत्र#दिशा
मंदिर ज्ञान

शिवलिंग की परिक्रमा पूरी क्यों नहीं करते — जलाधारी तक क्यों?

सोमसूत्र (जलाधारी जल मार्ग) = लांघना अशुभ। अभिषेक जल = शिव ऊर्जा। बाएं→जलाधारी→वापस→दाएं→जलाधारी→वापस = आधी (चंद्रकला)। स्वयंभू/घर = पूरी मान्य।

#शिवलिंग#परिक्रमा#पूरी नहीं
शिव पूजा विधि

शिवलिंग की जलाधारी का मुख किस दिशा में होना चाहिए?

जलाधारी का मुख सदैव उत्तर दिशा में (शिव पुराण, स्कन्द पुराण, वास्तु शास्त्र — तीनों एकमत)। वैकल्पिक: पूर्व दिशा। दक्षिण और पश्चिम सर्वथा वर्जित। उत्तर = कुबेर की दिशा, समृद्धि प्रवाह, सकारात्मक ऊर्जा। घर और मंदिर में नियम समान। जलाधारी कभी न लांघें।

#जलाधारी#सोमसूत्र#दिशा
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