आध्यात्मिक और तांत्रिक महत्वमहामाया को 'शव-छेदन' की अधिष्ठात्री क्यों कहते हैं?महामाया = शव-छेदन की उग्र तांत्रिक क्रिया की अधिष्ठात्री। प्रतीकार्थ: संसारिक आसक्ति रूपी 'शव' को काटकर अलग करना = भौतिक बंधनों से मुक्ति।#शव छेदन#सांसारिक आसक्ति#तांत्रिक प्रतीक