मंत्र जपमहामृत्युंजय मंत्र का अर्थ क्या है?'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...' — तीन नेत्रों वाले (भूत-वर्तमान-भविष्य के ज्ञाता) शिव की आराधना। जैसे खरबूजा पकने पर बेल से स्वतः मुक्त होता है — वैसे हे शिव! हमें मृत्यु और भौतिक बंधनों से मुक्त कर मोक्ष प्रदान करें।#महामृत्युंजय मंत्र अर्थ#त्र्यम्बक#खरबूजा बंधन
श्री रुद्र-कवच-संहितानेत्रों और कानों की रक्षा के लिए किन शिव स्वरूपों का आह्वान होता है?नेत्रों की रक्षा त्र्यम्बक और कानों की रक्षा भगवान शम्भु करते हैं।#त्र्यम्बक#शम्भु
मंत्र ज्ञानशिव जी का महामृत्युंजय मंत्र क्या है?महामृत्युंजय मंत्र ऋग्वेद 7.59.12 का है — 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...'। अर्थ: तीन नेत्रों वाले शिव हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करें जैसे खीरा पककर बेल से स्वतः अलग होता है। यह भारतीय परंपरा का सर्वश्रेष्ठ रोग-मृत्यु रक्षा मंत्र है।#महामृत्युंजय#त्र्यम्बक#ऋग्वेद