धार्मिक और आध्यात्मिक महत्वमाँ चंद्रघंटा के अभय मुद्रा का क्या महत्व है?अभय मुद्रा का महत्व: एक हाथ अभय मुद्रा में उठा = भक्तों को निर्भय होने का आशीर्वाद। सिंहवाहन पर सवार रहकर संसार से भय और संकट मिटाने को तत्पर।#अभय मुद्रा#निर्भय आशीर्वाद#भक्त रक्षा
नाम और स्वरूपमाँ चंद्रघंटा का स्वरूप कैसा है?माँ चंद्रघंटा स्वरूप: स्वर्ण जैसा चमकीला शरीर। दस भुजाएँ — खड्ग + त्रिशूल + धनुष-बाण + कमल + जपमाला + अन्य अस्त्र + अभय मुद्रा। सिंह वाहन (कुछ मान्यताओं में बाघ)। मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र।
ग्रंथों में उल्लेखकालिका पुराण में महामाया का स्वरूप कैसा बताया गया है?कालिका पुराण (14वीं सदी): महामाया स्वरूप = दस भुजाएँ + कमल पर आरूढ़ + अन्य योगिनियों से उच्च स्थान। शास्त्रीय निष्कर्ष: महामाया = आद्या शक्ति + संपूर्ण योगिनी-चक्र की अधिपति।#कालिका पुराण#दस भुजाएँ#कमल आसन