पौराणिक ज्ञानदुर्घटना में मरने वाले की आत्मा का क्या होता है?गरुड़ पुराण: अकाल मृत्यु = प्रेत योनि (शेष आयु तक भटकना)। मुक्ति: विधिवत दाह, चतुर्दशी श्राद्ध, नारायण बलि, गया पिंडदान। विधिवत संस्कार + श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण।#दुर्घटना#अकाल मृत्यु#प्रेत योनि
लोकसुहागिन स्त्री की दुर्घटना में मृत्यु हो तो श्राद्ध कब?अविधवा नवमी को।#सुहागिन#दुर्घटना#अविधवा नवमी
विशेष मृत्यु श्राद्धविष या दुर्घटना से मरे का श्राद्ध कब?विष या दुर्घटना से मरे व्यक्ति का श्राद्ध 'चतुर्दशी' को होता है। यह अकाल मृत्यु की कोटि में आता है। इसे 'घट चतुर्दशी' या 'घायल चतुर्दशी' कहते हैं। मृत्यु किसी भी तिथि को हुई हो — श्राद्ध केवल चतुर्दशी को। यह कठोर और अलङ्घ्य नियम है।#विष से मृत्यु#दुर्घटना#चतुर्दशी श्राद्ध
प्रतिपदा श्राद्धक्या दुर्घटना से मरे व्यक्ति का श्राद्ध प्रतिपदा को होता है?नहीं, दुर्घटना/अप्राकृतिक मृत्यु से मरे व्यक्ति का श्राद्ध प्रतिपदा को वर्जित है — चाहे उनकी मृत्यु प्रतिपदा को ही क्यों न हुई हो। उनका श्राद्ध केवल 'चतुर्दशी' (घट चतुर्दशी / घायल चतुर्दशी) को होता है। यह धर्मशास्त्र का कठोर और अलङ्घ्य नियम है।#अकाल मृत्यु#दुर्घटना#प्रतिपदा वर्जित