पूजा अनुभवपूजा के बाद अत्यधिक प्रसन्नता का अनुभव होने का अर्थ क्या है?अर्थ: (1) देवता कृपा — पूजा स्वीकार (2) गीता: सात्विक सुख (अमृतोपम) (3) मन शुद्धि=ताज़गी (4) अनाहत चक्र सक्रिय (5) विज्ञान: Endorphin/Serotonin↑ (6) आत्मा-ईश्वर जुड़ाव=आनन्द। कृतज्ञता से स्वीकार, नित्य पूजा प्रेरणा, प्रसन्नता बाँटें।#प्रसन्नता#आनन्द#सात्विक सुख
पूजा अनुभवपूजा के बाद अत्यधिक प्रसन्नता का अनुभव होने का अर्थ क्या है?अर्थ: (1) देवता कृपा — पूजा स्वीकार (2) गीता: सात्विक सुख (अमृतोपम) (3) मन शुद्धि=ताज़गी (4) अनाहत चक्र सक्रिय (5) विज्ञान: Endorphin/Serotonin↑ (6) आत्मा-ईश्वर जुड़ाव=आनन्द। कृतज्ञता से स्वीकार, नित्य पूजा प्रेरणा, प्रसन्नता बाँटें।
मंत्र सिद्धिमंत्र सिद्धि क्या होती है?मंत्र सिद्धि = देवता प्रसन्न होकर संकेत दें या स्वप्न में दर्शन। तीन स्तर: प्रथम (मंत्र-प्रभाव अनुभव), मध्यम (देवता संपर्क), पूर्ण (देवता वश)। सिद्धि ≠ मुक्ति। तीन प्रकार: भुक्ति-सिद्धि, मुक्ति-सिद्धि, उभय-सिद्धि। सिद्धि = जादू नहीं, देव-साधक संबंध।#मंत्र सिद्धि#सिद्धि परिभाषा#मंत्र विज्ञान