ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

निष्काम भक्ति से जुड़े सभी प्रश्न(4)

निष्काम भक्ति पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 4 प्रश्न उपलब्ध हैं।

श्रीमद्भागवत

निष्काम भक्ति का मतलब क्या है?

निष्काम भक्ति का अर्थ है बिना किसी फल-कामना के भगवान में स्थिर प्रेम, जिससे ज्ञान और वैराग्य अपने आप आते हैं।

#निष्काम भक्ति#भक्ति#वासुदेव
श्रीमद्भागवत

क्या भागवत सप्ताह में उद्यापन जरूरी है?

विशेष फल की इच्छा वालों के लिये उद्यापन है, पर निष्काम अकिंचन भक्तों के लिये उद्यापन का आग्रह नहीं बताया गया।

#उद्यापन#भागवत सप्ताह#निष्काम भक्ति
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'सकल कामना हीन जे राम भगति रस लीन' — ऐसे भक्तों की क्या विशेषता बताई?

ऐसे निष्काम भक्तों ने रामनाम के प्रेमरूपी अमृत-सरोवर में अपने मन को मछली बना रखा है — जैसे मछली जल से अलग नहीं हो सकती, वैसे ही वे क्षणभर भी नाम-प्रेम से अलग नहीं होते। वे भोग और मोक्ष दोनों की कामना से रहित हैं।

#बालकाण्ड#निष्काम भक्ति#नाम प्रेम
मंदिर साधना

मंदिर में भगवान से क्या मांगना चाहिए और क्या नहीं?

सर्वोत्तम: 'भक्ति दो, सद्बुद्धि दो, तुम्हारी इच्छा = मेरी इच्छा' (निष्काम)। शुभ: स्वास्थ्य, संतान, शिक्षा, ईमानदार आजीविका, संकट मुक्ति। न मांगें: किसी का अहित, अनैतिक इच्छा, अत्यधिक लोभ, ईर्ष्या-प्रेरित। गीता: निष्काम भक्त का योगक्षेम भगवान स्वयं वहन करते हैं।

#प्रार्थना#मांगना#सकाम भक्ति
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।