पूजा विधि एवं कर्मकांडसाष्टांग नमस्कार और पंचांग नमस्कार में क्या अंतरसाष्टांग नमस्कार में आठ अंग जमीन को स्पर्श करते हैं और व्यक्ति पेट के बल लेटता है — यह पुरुषों के लिए है। पंचांग नमस्कार में पाँच अंग (दोनों हाथ, दोनों घुटने, मस्तक) स्पर्श करते हैं — यह स्त्रियों के लिए शास्त्रसम्मत है।#साष्टांग नमस्कार#पंचांग प्रणाम#दंडवत
सूर्य अर्घ्यअर्घ्य के बाद प्रदक्षिणा और प्रणाम कैसे करते हैं?अर्घ्य के बाद: अपने स्थान पर ही खड़े होकर तीन बार प्रदक्षिणा (परिक्रमा) करें। फिर सूर्य देव को साष्टांग (8 अंगों से) या पंचांग (5 अंगों से) प्रणाम करें।#प्रदक्षिणा#साष्टांग प्रणाम#सूर्य अर्घ्य