संकल्प विधिमकर संक्रांति के संकल्प मंत्र का क्या अर्थ है?संकल्प मंत्र का अर्थ: 'मैं [गोत्र-नाम] जन्म-जन्मांतर के पाप क्षय + शिव-विष्णु सामीप्य + दुःख-दरिद्रता नाश + श्रीहरि प्रसन्नता के लिए — मकर राशि के सूर्य के इस माघ मास में स्नान, अर्घ्य, देव-पूजन और दान करूँगा।'#संकल्प मंत्र अर्थ#पाप क्षय#शिव विष्णु सामीप्य
तिल का महत्व और षट्तिलातिल दान करने से कितने वर्ष स्वर्ग मिलता है?तिल दान: जितने तिल दान = उतने सहस्र वर्ष स्वर्ग। फल: पापों का क्षय और परलोक में सद्गति। दान योग्य पात्र: संयमी ब्राह्मण और दरिद्र।
विशेष अभिषेक द्रव्य और उनके फलतीर्थ जल से अभिषेक करने से क्या फल मिलता है?स्कंद पुराण के अनुसार, तीर्थ जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति और सभी पापों का क्षय होता है — यह परम आध्यात्मिक लक्ष्य के लिए सर्वश्रेष्ठ द्रव्य है।#तीर्थ जल#मोक्ष प्राप्ति#पाप क्षय
उपासना का फलस्कंद पुराण के अनुसार पिंगलेश्वर शिवलिंग की पूजा और दान के क्या फायदे (फल) हैं?यहाँ दर्शन से जन्म-जन्मांतर के पाप भस्म होते हैं और पितरों को प्रेत-योनि से मुक्ति मिलती है। यह तारक ज्ञान प्रदान कर जीव को आवागमन के चक्र से मुक्त करता है और शिव-सायुज्य (मोक्ष) देता है।#मोक्ष प्राप्ति#पाप क्षय#पितृ शांति