तंत्र शास्त्रतंत्र में पारद शिवलिंग का क्या विशेष महत्व है?पारद = शिव वीर्य (रस शास्त्र)। पारद संहिता: पारद शिवलिंग = करोड़ शिवलिंग फल। 8 संस्कार शुद्ध = विषमुक्त। ऊर्जा अत्यंत शक्तिशाली। सावधानी: 90%+ नकली। अशुद्ध = विषैला। विश्वसनीय + प्रमाणपत्र।#पारद#शिवलिंग#पारा
शिवलिंग प्रकारपारद शिवलिंग की पूजा विधि सामान्य शिवलिंग से कैसे भिन्न है?पारद शिवलिंग = पारा + जड़ी-बूटी (रसशास्त्र विधि)। पूजा = 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन का पुण्य। विशेष मंत्र: 'ॐ मृत्युभजाय नमः', 'ॐ नीलकंठाय नमः'। सफेद आसन, ईशान कोण में मुख, दाहिनी ओर घी का दीपक। तांत्रिक महत्व सर्वोच्च। नकली से सावधान — असली भारी और शीतल होता है।
शिवलिंग प्रकारपारद शिवलिंग की पूजा विधि सामान्य शिवलिंग से कैसे भिन्न है?पारद शिवलिंग = पारा + जड़ी-बूटी (रसशास्त्र विधि)। पूजा = 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन का पुण्य। विशेष मंत्र: 'ॐ मृत्युभजाय नमः', 'ॐ नीलकंठाय नमः'। सफेद आसन, ईशान कोण में मुख, दाहिनी ओर घी का दीपक। तांत्रिक महत्व सर्वोच्च। नकली से सावधान — असली भारी और शीतल होता है।#पारद#शिवलिंग#पारा
तंत्र विद्यातंत्र में पारद सिद्धि क्या होती है?पारद = शिव वीर्य (तंत्र)। पारद शिवलिंग (रसेश्वर), रस सिद्धि (भस्म/दीर्घायु), धातु परिवर्तन (alchemy)।: 'रसशास्त्र=तंत्र अंग'। पारद विषैला — सेवन खतरनाक।#पारद#सिद्धि#पारा