ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

पार्वण से जुड़े सभी प्रश्न(5)

पार्वण पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 5 प्रश्न उपलब्ध हैं।

लोक

नवमी को मरने वाले का श्राद्ध कब करें?

पितृ पक्ष की नवमी को।

#नवमी मृत्यु#श्राद्ध तिथि#पार्वण
लोक

रौहिण मुहूर्त क्या है?

कुतुप के बाद का श्राद्धयोग्य समय रौहिण मुहूर्त है।

#रौहिण मुहूर्त#श्राद्ध#पार्वण
श्राद्ध भेद

श्राद्ध के मुख्य 4 भेद कौन से हैं?

श्राद्ध के मुख्य चार भेद हैं — पार्वण, एकोद्दिष्ट, नान्दीमुख यानी वृद्धिश्राद्ध, और सपिण्डीकरण। पार्वण श्राद्ध तीन पीढ़ियों का सामूहिक आवाहन वाला, एकोद्दिष्ट एक पितर के लिए वार्षिक क्षयाह, नान्दीमुख शुभ अवसरों पर वृद्धि के लिए, और सपिण्डीकरण मृत्यु के बाद आत्मा को पितरों में मिलाने के लिए। द्वितीया पर पार्वण और एकोद्दिष्ट दोनों होते हैं।

#श्राद्ध भेद#पार्वण#एकोद्दिष्ट
प्रतिपदा श्राद्ध

प्रतिपदा श्राद्ध किसका किया जाता है?

प्रतिपदा श्राद्ध उन मृत सदस्यों (पिता/माता/दादा/दादी आदि) का होता है जिनकी मृत्यु किसी भी मास के शुक्ल/कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा (पहली तिथि) को स्वाभाविक रूप से हुई हो। अकाल मृत्यु वालों का इस दिन वर्जित — उनका चतुर्दशी को। मातामह (नाना-नानी) श्राद्ध भी इसी दिन।

#प्रतिपदा श्राद्ध#मृत्यु तिथि#वार्षिक श्राद्ध
श्राद्ध के प्रकार

श्राद्ध कितने प्रकार के होते हैं?

मुख्य 3 प्रकार: (1) नित्य = प्रतिदिन (2) नैमित्तिक = विशेष अवसर जैसे पुत्र जन्म (3) काम्य = मनोकामना हेतु, रोहिणी नक्षत्र में। चौथा विशिष्ट = पार्वण श्राद्ध (पितृ पक्ष में 3 पीढ़ियों का संयुक्त तर्पण-पिण्डदान)।

#श्राद्ध प्रकार#नित्य#नैमित्तिक
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।