📖
विस्तृत उत्तर
श्राद्ध के प्रकार = धर्मशास्त्रों में श्राद्ध के मुख्य रूप से तीन प्रकार बताए गए हैं, और इनके अतिरिक्त एक विशिष्ट कोटि 'पार्वण श्राद्ध' भी है।
### तीन मुख्य प्रकार:
1नित्य श्राद्ध
- ▸जो प्रतिदिन किया जाए।
- ▸दैनिक नियमित श्राद्ध कर्म।
2नैमित्तिक श्राद्ध
- ▸किसी विशेष अवसर पर किया जाने वाला श्राद्ध।
- ▸उदाहरण: पुत्र जन्म के अवसर पर किया जाने वाला श्राद्ध।
3काम्य श्राद्ध
- ▸किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए किया जाने वाला श्राद्ध।
- ▸विशेष रूप से रोहिणी आदि नक्षत्रों में किया जाता है।
### विशिष्ट कोटि — पार्वण श्राद्ध:
4पार्वण श्राद्ध
- ▸पितृ पक्ष में किया जाने वाला श्राद्ध 'पार्वण श्राद्ध' की कोटि में आता है।
- ▸विशेषता: इसमें विशेष काल (पर्व) पर तीन पीढ़ियों के पितरों का संयुक्त रूप से तर्पण और पिण्डदान किया जाता है।
### सारांश तालिका:
- ▸नित्य = प्रतिदिन
- ▸नैमित्तिक = विशेष अवसर (पुत्र जन्म आदि)
- ▸काम्य = मनोकामना के लिए (रोहिणी नक्षत्र)
- ▸पार्वण = पितृ पक्ष में, तीन पीढ़ियों का संयुक्त
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?

